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शब्दावली
शब्दों के अर्थ, सरल भाषा में। कानूनी शब्द डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 और डीपीडीपी नियम 2025 के अनुसार हैं; हर शब्द के बाद दिया संदर्भ स्रोत बताता है।
डीपीडीपी अधिनियम और नियमों में
- अपीलीय न्यायाधिकरण(Appellate Tribunal)
- दूरसंचार विवाद समाधान और अपीलीय न्यायाधिकरण (TDSAT), जो बोर्ड के आदेशों के विरुद्ध अपील सुनता है।· अधिनियम धारा 2(a), 29
- उचित सुरक्षा उपाय(Reasonable security safeguards)
- उल्लंघन रोकने के लिए डेटा फ़िड्यूशरी के ज़रूरी उपाय, जिनमें एन्क्रिप्शन या मास्किंग, पहुँच नियंत्रण, लॉगिंग और निगरानी, और कम से कम एक वर्ष तक लॉग रखना शामिल है।· अधिनियम धारा 8(5); नियम 6
- कुछ वैध उपयोग(Certain legitimate uses)
- वे सीमित मामले जिनमें बिना सहमति व्यक्तिगत डेटा प्रोसेस हो सकता है, जैसे किसी उद्देश्य के लिए व्यक्ति द्वारा स्वेच्छा से दिया गया डेटा, सरकारी लाभ, कानूनी दायित्व, चिकित्सा आपातकाल, आपदा और कुछ रोज़गार संबंधी ज़रूरतें।· अधिनियम धारा 7
- जानकारी पाने का अधिकार(Right to access information)
- व्यक्ति डेटा फ़िड्यूशरी से अपने प्रोसेस हो रहे व्यक्तिगत डेटा, की गई प्रोसेसिंग और जिनके साथ वह साझा हुआ, उनका सारांश माँग सकता है।· अधिनियम धारा 11
- जुर्माना(Penalty)
- अधिनियम के उल्लंघन पर बोर्ड द्वारा लगाया जा सकने वाला दंड। सबसे बड़ा, उचित सुरक्षा उपाय न करने पर, ₹250 करोड़ तक हो सकता है।· अधिनियम धारा 33; अनुसूची
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा(Digital personal data)
- डिजिटल रूप में व्यक्तिगत डेटा। अधिनियम डिजिटल रूप में जुटाए गए डेटा, और काग़ज़ पर जुटाकर बाद में डिजिटल किए गए डेटा पर लागू होता है।· अधिनियम धारा 2(n), 3
- डेटा प्रिंसिपल(Data Principal)
- वह व्यक्ति जिसके बारे में व्यक्तिगत डेटा है। बच्चे के मामले में इसमें माता-पिता या वैध अभिभावक, और दिव्यांग व्यक्ति के मामले में उसकी ओर से काम करने वाला वैध अभिभावक शामिल है।· अधिनियम धारा 2(j)
- डेटा प्रोसेसर(Data Processor)
- जो कोई डेटा फ़िड्यूशरी की ओर से व्यक्तिगत डेटा प्रोसेस करता है, जैसे क्लाउड या पेरोल सेवा। ज़िम्मेदारी डेटा फ़िड्यूशरी की ही रहती है।· अधिनियम धारा 2(k)
- डेटा फ़िड्यूशरी(Data Fiduciary)
- कोई भी व्यक्ति या संस्था जो तय करती है कि व्यक्तिगत डेटा क्यों और कैसे प्रोसेस होगा, जैसे बैंक, ऐप या दुकान।· अधिनियम धारा 2(i)
- डेटा संरक्षण अधिकारी(Data Protection Officer)
- वह व्यक्ति जिसे महत्वपूर्ण डेटा फ़िड्यूशरी भारत में नियुक्त करता है, जो उसके डेटा संरक्षण के लिए जवाबदेह और शिकायतों के लिए संपर्क बिंदु होता है।· अधिनियम धारा 2(l), 10
- नामांकन का अधिकार(Right to nominate)
- व्यक्ति किसी को नामित कर सकता है जो उसकी मृत्यु या अक्षमता की स्थिति में उसके अधिकारों का उपयोग करे।· अधिनियम धारा 14
- निर्दिष्ट उद्देश्य(Specified purpose)
- सूचना में बताया गया उद्देश्य। व्यक्तिगत डेटा केवल इसी के लिए इस्तेमाल हो सकता है और उद्देश्य पूरा होने पर मिटाना होगा, जब तक कोई कानून उसे रखने को न कहे।· अधिनियम धारा 2(za), 8(7)
- प्रोसेसिंग(Processing)
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के साथ पूरी या आंशिक रूप से स्वचालित कोई भी क्रिया: जुटाना, रखना, उपयोग करना, साझा करना, जोड़ना या मिटाना आदि।· अधिनियम धारा 2(x)
- बच्चा(Child)
- कोई भी व्यक्ति जिसने 18 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है।· अधिनियम धारा 2(f)
- भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड(Data Protection Board of India)
- अधिनियम के तहत बनी संस्था जो शिकायतें सुनती है, डेटा उल्लंघनों की जाँच करती है, सहमति प्रबंधकों का पंजीकरण करती है और जुर्माना लगाती है। यह डिजिटल कार्यालय के रूप में काम करती है।· अधिनियम धारा 18, 27
- महत्वपूर्ण डेटा फ़िड्यूशरी(Significant Data Fiduciary)
- वह डेटा फ़िड्यूशरी जिसे केंद्र सरकार डेटा की मात्रा या संवेदनशीलता के कारण अधिसूचित करती है। उसके अतिरिक्त कर्तव्य हैं: भारत में डेटा संरक्षण अधिकारी, स्वतंत्र डेटा ऑडिटर और समय-समय पर प्रभाव आकलन।· अधिनियम धारा 10
- व्यक्तिगत डेटा(Personal data)
- किसी व्यक्ति के बारे में कोई भी डेटा जिससे उसकी पहचान हो सके, जैसे नाम, मोबाइल नंबर या खाता संख्या।· अधिनियम धारा 2(t)
- व्यक्तिगत डेटा उल्लंघन(Personal data breach)
- व्यक्तिगत डेटा की कोई भी अनधिकृत प्रोसेसिंग, या आकस्मिक खुलासा, उपयोग, बदलाव, हानि या विनाश, जिससे उसकी गोपनीयता, अखंडता या उपलब्धता प्रभावित हो। बोर्ड को 72 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देनी होती है।· अधिनियम धारा 2(u); नियम 7
- शिकायत निवारण(Grievance redressal)
- हर डेटा फ़िड्यूशरी और सहमति प्रबंधक को अधिकतम 90 दिनों के भीतर शिकायत का जवाब देना होता है। बोर्ड जाने से पहले व्यक्ति को यह रास्ता अपनाना होता है।· अधिनियम धारा 13; नियम 14
- सत्यापन योग्य सहमति(Verifiable consent)
- माता-पिता या वैध अभिभावक की ऐसी सहमति जिसकी असलियत डेटा फ़िड्यूशरी ने, उदाहरण के लिए भरोसेमंद पहचान और आयु विवरण से, जाँच ली हो, बच्चे या आश्रित व्यक्ति का डेटा प्रोसेस करने से पहले।· अधिनियम धारा 9; नियम 10–11
- सहमति(Consent)
- ऐसी स्वीकृति जो स्वतंत्र, विशिष्ट, सूचित, बिना शर्त और स्पष्ट हो, स्पष्ट सकारात्मक कार्य से दी गई हो, और केवल बताए गए उद्देश्य के लिए ज़रूरी व्यक्तिगत डेटा तक सीमित हो।· अधिनियम धारा 6
- सहमति प्रबंधक(Consent Manager)
- डेटा संरक्षण बोर्ड में पंजीकृत कंपनी जो व्यक्तियों को सुलभ, पारदर्शी और इंटरऑपरेबल प्लेटफ़ॉर्म पर एक ही जगह से सहमति देने, संभालने, देखने और वापस लेने की सुविधा देती है।· अधिनियम धारा 2(g); नियम 4
- सहमति वापस लेना(Withdrawal of consent)
- किसी भी समय सहमति वापस लेने का अधिकार, उतनी ही आसानी से जितनी आसानी से दी गई थी। इसके बाद डेटा फ़िड्यूशरी और उसके डेटा प्रोसेसर को उचित समय में प्रोसेसिंग रोकनी होगी।· अधिनियम धारा 6(4)–(6)
- सुधार और मिटाने का अधिकार(Right to correction and erasure)
- व्यक्ति अपने व्यक्तिगत डेटा को सुधारने, पूरा करने, अपडेट करने या मिटाने को कह सकता है, जब तक कोई कानून उसे रखने को न कहे।· अधिनियम धारा 12
- सूचना(Notice)
- सहमति माँगते समय डेटा फ़िड्यूशरी को जो दिखाना होता है: व्यक्तिगत डेटा, उद्देश्य, और सहमति वापस लेने, अधिकारों के उपयोग और बोर्ड से शिकायत का तरीका। यह स्वतंत्र रूप से समझ आने वाली और अंग्रेज़ी या आठवीं अनुसूची की किसी भी भाषा में उपलब्ध होनी चाहिए।· अधिनियम धारा 5; नियम 3
myconsentapp पर
- इंटरऑपरेबिलिटी(Interoperability)
- व्यक्ति को किसी दूसरे सहमति प्रबंधक के पास रखी सहमतियाँ एक ही जगह से देखने और वापस लेने देना, केवल उसकी स्पष्ट अनुमति से। आज इसे एक सिम्युलेटेड सहमति प्रबंधक पर दिखाया गया है।
- एनवेलप एन्क्रिप्शन(Envelope encryption)
- व्यक्तिगत डेटा एक डेटा कुंजी से एन्क्रिप्ट होता है, और वह कुंजी खुद कुंजी प्रबंधन सेवा की मास्टर कुंजी से एन्क्रिप्ट होती है: कुंजियों की दो परतें।
- पोस्ट-क्वांटम(Post-quantum)
- ऐसी क्रिप्टोग्राफ़ी जो भविष्य के क्वांटम कंप्यूटर के हमलों को झेल सके।
- मर्कल एंकर(Merkle anchor)
- लेजर प्रविष्टियों के एक समूह का एक ही फ़िंगरप्रिंट, जिसे ऐसी जगह रखा जाता है जहाँ बदला न जा सके (सात साल के लिए write-once स्टोरेज), ताकि बाद में लेजर को उससे मिलाकर जाँचा जा सके।
- लेजर(Ledger)
- हर सहमति घटना का केवल जोड़ा जा सकने वाला लॉग। प्रविष्टियाँ जोड़ी जा सकती हैं, बदली या हटाई कभी नहीं जा सकतीं।
- वेबहुक(Webhook)
- हस्ताक्षरित संदेश जो हम कुछ बदलते ही व्यवसाय के सिस्टम को भेजते हैं, उदाहरण के लिए जब कोई व्यक्ति सहमति वापस लेता है।
- सहमति रिकॉर्ड(Consent record)
- जब व्यक्ति सहमति देता, बदलता या वापस लेता है तब बनने वाली प्रविष्टि: कौन-सी कंपनी, कौन-सा उद्देश्य, सूचना का कौन-सा संस्करण, स्थिति और तारीखें। इसमें व्यक्ति के बारे में कंपनी का कोई डेटा नहीं होता।
- सैंडबॉक्स(Sandbox)
- टेस्ट डेटा वाला मुफ़्त परीक्षण वातावरण, जहाँ कोई व्यवसाय लाइव होने से पहले पूरा सहमति प्रवाह आज़मा और जोड़ सकता है।
- हस्ताक्षरित रसीद(Signed receipt)
- सहमति रिकॉर्ड की JSON या QR कोड वाली PDF प्रति, जिस पर डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं। कोई भी इसे सार्वजनिक सत्यापन पेज पर या ऑफ़लाइन, हम पर भरोसा किए बिना, जाँच सकता है।
- हैश शृंखला(Hash chain)
- लेजर की हर प्रविष्टि में पिछली प्रविष्टि का फ़िंगरप्रिंट (SHA-256 हैश) होता है, इसलिए किसी पुरानी प्रविष्टि को बदलने से आगे की हर कड़ी टूट जाती है और पकड़ में आ जाती है।
- ECDSA P-256
- वह डिजिटल हस्ताक्षर जिसे आज हर ब्राउज़र, फ़ोन और मानक लाइब्रेरी जाँच सकती है। हर सहमति घटना पर यह होता है।
- JWKS
- सार्वजनिक कुंजियों का प्रकाशित सेट (JSON Web Key Set)। हम अपनी कुंजियाँ प्रकाशित करते हैं ताकि कोई भी हमारे हस्ताक्षर जाँच सके।
- KMS / HSM
- एक कुंजी प्रबंधन सेवा, जो हार्डवेयर सुरक्षा मॉड्यूल पर चलती है। हमारी हस्ताक्षर और एन्क्रिप्शन कुंजियाँ इन्हीं के भीतर बनती और इस्तेमाल होती हैं और बाहर कभी नहीं जातीं।
- ML-DSA-65
- NIST का पोस्ट-क्वांटम हस्ताक्षर मानक (FIPS 204)। हर सहमति घटना पर यह ECDSA के साथ होता है, ताकि क्वांटम कंप्यूटर ECDSA तोड़ दें तब भी रिकॉर्ड भरोसेमंद रहें।
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यह शब्दावली शब्दों को सरल भाषा में समझाती है और कानूनी सलाह नहीं है। जहाँ यह अधिनियम या नियमों से अलग हो, वहाँ आधिकारिक पाठ मान्य होगा।