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मूल बातेंप्रकाशित: 3 मिनट में पढ़ें

सहमति प्रबंधक क्या है, और भारत को इसकी ज़रूरत क्यों है?

सहमति प्रबंधक डेटा संरक्षण कानून में एक खास भारतीय विचार है। जानें ये क्या करते हैं, इनका नियमन कैसे होता है, और लोगों व व्यवसायों के लिए इनका क्या मतलब है।

ज़्यादातर डेटा संरक्षण कानून बस इतना कहते हैं कि कंपनियों को आपकी सहमति चाहिए। भारत का डीपीडीपी अधिनियम एक कदम आगे जाकर एक नई तरह की संस्था बनाता है जिसका एकमात्र काम उस सहमति को संभालने में आपकी मदद करना है: सहमति प्रबंधक।

यह किस समस्या का हल है

सोचिए कितनी कंपनियों के पास आपका डेटा है: बैंक, बीमा कंपनियाँ, टेलीकॉम ऑपरेटर, शॉपिंग ऐप, अस्पताल, स्कूल। हर कंपनी अपने तरीके से, अपनी स्क्रीन पर, अपनी सेटिंग्स में छिपाकर सहमति माँगती है। अगर आप देखना भी चाहें कि आपने किस पर सहमति दी है, तो देखने की कोई एक जगह नहीं है, और वापस लेने का मतलब आम तौर पर मेन्यू खंगालना या ईमेल लिखना होता है।

नतीजा यह कि सहमति एक औपचारिकता बन जाती है। कानून कह सकता है कि वापसी आसान होनी चाहिए, लेकिन व्यवहार में ऐसा नहीं होता।

सहमति प्रबंधक क्या करता है

सहमति प्रबंधक एक एकल, सुलभ, पारदर्शी और इंटरऑपरेबल प्लेटफ़ॉर्म है जिसके ज़रिए आप:

  • कंपनियों को सहमति दे सकते हैं;
  • अपनी दी हुई हर सहमति एक जगह देख सकते हैं;
  • उसे संभाल सकते हैं, यानी जिस पर सहमति दी उसे बदल सकते हैं;
  • उसे वापस ले सकते हैं, और कंपनी को अपने आप सूचना जाती है।

सबसे अहम बात, सहमति प्रबंधक आपकी ओर से काम करता है। यह आपके प्रति जवाबदेह है, उन कंपनियों के प्रति नहीं जो आपका डेटा माँगती हैं।

इनका नियमन कैसे होता है

सहमति प्रबंधकों को भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड में पंजीकृत होना होगा और डीपीडीपी नियमों में तय शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें भारत में निगमित कंपनी होना और मज़बूत वित्तीय स्थिति, प्लेटफ़ॉर्म का स्वतंत्र प्रमाणन, जिन कंपनियों के साथ काम करते हैं उनसे हितों का टकराव न होना, और सहमति रिकॉर्ड कम से कम सात वर्ष रखना शामिल है।

सहमति प्रबंधक आपके और किसी कंपनी के बीच साझा होने वाले व्यक्तिगत डेटा को पढ़ने में सक्षम नहीं होना चाहिए। यह सहमति संभालता है, डेटा नहीं।

व्यवसायों के लिए यह क्यों मायने रखता है

व्यवसाय के लिए सहमति प्रबंधक इन्फ्रास्ट्रक्चर है। सहमति प्रक्रिया, कई भाषाओं में सूचनाएँ, ऑडिट ट्रेल और वापसी संभालना शुरू से बनाने के बजाय, वह एक बार इंटीग्रेट करके पा सकता है:

  • अधिनियम की आवश्यकताओं को पूरा करने वाली मदवार सूचनाएँ;
  • ऑडिट में टिकने वाले रिकॉर्ड, क्योंकि उन्हें एक स्वतंत्र पक्ष रखता है;
  • अपने आप पहुँचने वाली वापसी सूचनाएँ, ताकि कोई छूटे नहीं।

व्यवसायों के लिए सहमति प्रबंधक का उपयोग अनिवार्य नहीं है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति उसके ज़रिए सहमति देना या वापस लेना चुनता है, तो व्यवसाय को उसका पालन करना होगा।

myconsentapp का तरीका

myconsentapp एक प्रस्तावित सहमति प्रबंधक है: 13 नवंबर 2026 को पंजीकरण खुलने पर हम बोर्ड को आवेदन करेंगे। हर सहमति इवेंट ऐसी कुंजी से हस्ताक्षरित होता है जो कभी सुरक्षित हार्डवेयर से बाहर नहीं जाती, और छेड़छाड़-प्रत्यक्ष शृंखला में जुड़ता है, ताकि रसीद रखने वाला कोई भी व्यक्ति उसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित कर सके। व्यक्तिगत डेटा केवल भारत में रखा जाता है। और यह व्यक्तियों के लिए मुफ़्त है।

बोर्ड से पंजीकरण मिलते ही हम उसका विवरण प्रकाशित करेंगे। जानें हम डेटा की सुरक्षा कैसे करते हैं, या देखें व्यवसाय कैसे इंटीग्रेट करते हैं।

यह लेख सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। कानून और नियम बदलते रहते हैं; इस पर अमल करने से पहले मौजूदा पाठ देखें या सलाहकार से पूछें।

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